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लॉक डाउन के बीच किसान हुए अपडेट
कृषि वैज्ञानिकों से ले रहे ऑनलाइन जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र से 9 हजार से अधिक किसान हो चुके लाभान्वित
हेमराज गुर्जर. कोटा
कोरोना वायरस और लॉक डाउन के चलते काम करने का नजरिया बदल गया है। अब ऑनलाइन कार्यों में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। कार्मिक दफ्तरों में जाने के बजाए घर पर रहकर ऑनलाइन कर रहे है। पढाई भी ऑनलाइन हो चुकी है तो खेती किसानी भी पीछे क्यूं रहे। स्थिति को देखते हुए किसान भी अपडेट हो गए है। कृषि वैज्ञानिकों से अब ऑनलाइन ही खेती किसानी की जानकारी ले रहे है। बोरखेड़ा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र कोटा उनके सहयोग के लिए आगे आया है। अब यहां के विशेषज्ञ ऑनलाइन उनको जानकारी दे रहे है। तीन बार वैज्ञानिकों ने लाइव आकर किसानों की शंकाओं का समाधान किया है। इससे करीब 9 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके है। किसानों की जिज्ञासाओं को देखते हुए वैज्ञानिकों ने फेसबुक पेज बना लिया है। इसी पर लाइव आने की सूचना अपडेट कर देते है। सूचना पोस्ट करने के बाद किसान पहले से तैयार हो जाते है।
किसानों की समस्या पर चर्चा
कृषि विशेषज्ञ फेसबुक, व्हाट्सएप तथा अन्य उपक्रमों के माध्यम से किसानों की खेती से सम्बंधित समस्याओं पर चर्चा कर रहे है। खास तौर पर अभी पैदा की गई फसलों के रोग उपचार की जानकारी दी जा रही है। पिछले दिनों लाइव अपडेट में कृषि विशेषज्ञों ने उद्यानिकी प्रबन्धन की जानकारी दी गई थी। खरबूजा, तरककडी तथा अन्य फसलों की रोकथाम के उपाय बताए गए थे।
कोरोना से बचाव के भी उपाय
ऑनलाइन क्लास के माध्यम से कृषि विशेषज्ञ न केवल खेती किसानी पर चर्चा की जा रही है बल्कि कोरोना वायरस से बचाव के उपाय बताए जा रहे है। कृषि कार्य के दौरान सोशल डिस्टेंसिन्ग की पालना पर जोर देने की बात कही जा रही है। मास्क और हाथों को निरन्तर साबुन से धोने की सलाह दी जाती है, ताकि कोरोना का प्रसार में मदद मिले।
अब बदलेगी खेती की सूरत
कोरोना वायरस के बाद अब खेती की सूरत बदल जाएगी। क्योंकि, किसान भी समय के साथ अपडेट हो गए है। फसल की बुवाई से लेकर फसल कटाई तक की जानकारी ऑनलाइन ली जा रही है। विशेषज्ञ भी इसमें काफी रुचि ले रहे है।

इनका कहना है।
लॉक डाउन के चलते विशेषज्ञों से मिलकर संपर्क नही कर सकते। इसलिए वीडियो कॉल और अन्य माध्यम से जानकारी ली जा रही है।
– लक्ष्मी नारायण, किसान

कृषि विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन दी जा रही जानकारी से काफी मदद मिल रही है। घर बैठे फसलों के रोग निवारण में मदद मिल रही है।
– महेन्द्र कुमार, किसान

अभी खेतों में जाकर फसलों का विजिट करना सम्भव नही है। इसलिए किसानों की ऑनलाइन क्लास ली जा रही है। अब तक तीन बार किसानों को लाइव आकर उपयोगी जानकारी दी जा चुकी है। करीब 9 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हुए है।
डॉ रामराज मीना, कृषि वैज्ञानिक,

hemraj

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