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एमएसएमई को दिया गया आर्थिक पैकेज स्थानीय उद्योग को देगा नई ऊर्जा: आनंद
कोटा सीए ब्रांच की ओर से एमएसएमई सेक्टर को बैंकों द्वारा वित्तीय सहायता विषय पर ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित
कोटा
 कोटा सीए ब्रांच की ओर से शनिवार शाम को ऑनलाइन सीपीई मीट का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा प्रोत्साहन पैकेज के बाद एमएसएमई सेक्टर को बैंकों द्वारा वित्तीय सहायता विषय पर बैंकिंग सेक्टर से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीए सदस्यों के साथ परिचर्चा की गई।
कोटा सीए ब्रांच की चेयरपर्सन सीए रजनी मित्तल ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बैंक ऑफ इंडिया के डीजीएम वैभव आनंद, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के नेशनल क्रेडिट हेड सीए आकेश विजय एवं बैंक ऑफ बड़ौदा एसएमई लोन फैक्ट्री डीजीएम विवेक सिंघल प्रमुख रूप से शामिल थे।
कार्यक्रम समन्वयक एवं सीआईआरसी सचिव सीए दिनेश कुमार जैन ने बताया कि मोदी सरकार ने पिछले माह छोटे उद्योगों (एमएसएमई) के लिए बड़ी राहत का एलान किया था, जिसमें एमएसएमई सेक्टर को तीन लाख करोड़ रुपये का कोलेट्रल फ्री लोन दिया जाएगा। यानी इस पर उद्यमियों से किसी तरह की कोई गारंटी नहीं ली जाएगी। इसकी अवधि चार साल की होगी तथा एक वर्ष तक मूलधन को चुकाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि आत्मानिर्भर भारत योजना के तहत सरकार ने यह कदम उठाया है।
हाड़ोती के एमएसएमई सेक्टर को मिलेगी संजीवनी
बैंक ऑफ इंडिया के डीजीएम वैभव आनंद ने सीए सदस्यों से कहा कि सरकार द्वारा एमएसएमई को 3 लाख करोड़ रुपये कोलेट्रल फ्री ऑटोमैटिक लोन दिया जाएगा, जिससे एमएसएमई सेक्टर से कोटा समेत हाडोती संभाग के सीए सदस्यों को नया बिजनेस मिलेगा। 5 करोड़ रुपए तक का व्यापार करने वाली माइक्रो यूनिट, स्मॉल के लिए 10 करोड़ तक का निवेश और 50 करोड़ तक का कारोबार और मीडियम में 20 करोड़ तक का निवेश और 100 करोड़ तक के टर्नओवर का प्रावधान किया गया है। 200 करोड़ रुपए से कम वाले में ग्लोबल टेंडर नहीं होंगे। इससे लघु ,सूक्ष्म, मध्यम उद्योगों को लाभ मिलेगा। आत्मनिर्भर भारत की तरफ ये एक और कदम है। एमएसएमई सेक्टर को दिए गए आर्थिक पैकेज से स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी।
कोटा के सैकड़ों उद्योगों को मिलेगा आर्थिक लाभ
बैंक ऑफ बड़ौदा के एसएमई लोन फैक्ट्री डीजीएम विवेक सिंघल ने सरकार के इस वित्‍तीय की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना ने अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। इससे छोटे बड़े विभिन्न उद्योगों की काफी नुकसान हुआ है। सरकार ने जो राहत पैकेज की घोषणा की है उससे अनिवार्य रूप से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इस घोषणा का सबसे अच्‍छा पहलू ये भी है कि सरकार ने एमएसएमई की परिभाषा को भी बदल दिया है ताकि उद्योग इकाइयों को उच्च निवेश के साथ-साथ टर्नओवर के मानदंड की अनुमति मिल सके। इस कदम से अधिक कंपनियों को राजकोषीय और अन्य लाभ प्राप्त करने के लिए छोटे व्यवसायों को रखने की अनुमति मिल सकेगी। सरकार ने निवेश के कार्यकाल को 4 वर्ष का रखा है और एमएसएमई को प्रस्ताव का लाभ उठाने के लिए 12 महीने की मोहलत दी है।
उद्योग आधार नंबर से रजिस्ट्रेशन हो गया सरलीकृत
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के नेशनल क्रेडिट हेड सीए आकेश विजय ने कहा कि एमएसएमई का रजिस्ट्रेशन उद्योग आधार नंबर से सरलीकृत हो गया है ढाई सौ करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले उद्योग एमएसएमई में कवर हो जाएंगे इससे कोटा के सैकड़ों उद्योगों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट मोदी सरकार की इस घोषणा का फायदा एमएसएमई सेक्टर को दिलाए और देश को आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान दें और जब तक एमएसएमई सेक्टर को वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी तब तक वह इस देश की इकोनॉमी ग्रोथ के अंदर अपना संपूर्ण योगदान देने में असमर्थ होंगे। इसलिए चार्टर्ड अकाउंटेंट का यह प्रयास है कि कोटा समेत पूरे हाडोती संभाग में अधिक से अधिक उद्योगों को जिंदा रखने के लिए सरकार ने जो घोषणा की है वह उन तक पहुंचाने का प्रयास करें। कार्यक्रम का तकनीकी रूप से संचालन ब्रांच के कोषाध्यक्ष सीए तुषार ढींगरा ने किया। इस मौके पर कोटा ब्रांच के सचिव सीए देवेंद्र कटारिया एवं सीपीई चेयरपर्सन सीए नीतूू खंडेलवाल, सिकासा चेयरमैन सीए निखिल जैन, वरिष्ठ सीए संजीव बाजारी, सीए योगेश चांडक एवं सीए जंबू अग्रवााल भी उपस्थित थे।
hemraj

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