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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना का पहला टीका लगवा लिया है। उन्हें भारत बायोटेक की कोवैक्सिन का डोज दिया गया। वे सोमवार सुबह असम का गमछा गले में डालकर दिल्ली AIIMS पहुंचे। यहां पुडुचेरी की सिस्टर पी निवेदा ने मोदी को टीका लगाया, इस दौरान केरल की सिस्टर रोसम्मा अनिल पास में खड़ी थीं। इन तीनों राज्यों में 27 मार्च से 6 अप्रैल तक विधानसभा चुनाव होने हैं। सिस्टर पी निवेदा ने बाद में मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री ने टीका लगवाने के बाद कहा, ‘लगा भी दी, पता ही नहीं चला।’

प्रधानमंत्री को पुडुचेरी की नर्स पी निवेदा ने वैक्सीन लगाई। जो दूसरी नर्स मौजूद रहीं, वे केरल की हैं। वैक्सीन लगवाते वक्त मोदी असम का गमछा गले में डाले हुए थे। यह वहां की महिलाओं के आशीर्वाद का सिंबल है। मोदी पहले भी कई मौकों पर ऐसा गमछा पहने नजर आए हैं। यह भी संयोग है कि केरल, पुडुचेरी और असम में मार्च-अप्रैल में चुनाव होने हैं।

प्रधानमंत्री ने वैक्सीन लगवाने के वक्त की मुस्कुराती हुई फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की। इसके जरिए उन्होंने वैक्सीन को लेकर आम लोगों के मन की शंकाएं दूर करने की कोशिश की। साथ ही विपक्ष के उन नेताओं को भी संदेश दिया, जिन्होंने वैक्सीनेशन की मंजूरी के प्रोसेस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाए थे।

सभी योग्य लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील
मोदी ने सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करते हुए लिखा, ‘कोरोना के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने में हमारे डॉक्टर और वैज्ञानिकों ने जिस तेजी से काम किया वह असाधारण है। मैं सभी योग्य लोगों से अपील करता हूं कि वे वैक्सीन लगवाएं। हमें साथ मिलकर देश को कोरोना मुक्त बनाना है।’

जनता को परेशानी न हो, इसलिए PM ने सुबह का वक्त चुना
मोदी ने AIIMS तक पहुंचने के लिए कोई रूट तय नहीं किया और सुबह का वक्त चुना, ताकि उनके काफिले की वजह से आम लोगों को परेशानी नहीं हो। मोदी के वैक्सीन लगवाने के शेड्यूल की जानकारी भी पहले से नहीं दी गई, बल्कि प्रधानमंत्री ने अचानक AIIMS पहुंचकर लोगों को चौंका दिया।

दूसरे फेज में बुजुर्गों को टीके लगेंगे
देश में कोरोना वैक्सीनेशन के दूसरे फेज में 60 साल से ज्यादा और 45 साल से 60 साल तक के वे लोग जिन्हें गंभीर बीमारियां हैं, उनको शामिल किया गया है। जिनकी उम्र 1 जनवरी 2022 को 60 साल होगी, वे भी इस बार टीका लगवा सकते हैं। वैक्सीनेशन दोपहर 3 बजे तक चलेगा। इसके लिए को-विन 2.0 पोर्टल के साथ ही आरोग्य सेतु ऐप पर सुबह 9 बजे से रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं।

गंभीर बीमारी का सर्टिफिकेट दिखाना होगा
जिन लोगों की उम्र 60 साल या ज्यादा है, उन्हें रजिस्ट्रेशन और वैक्सीनेशन के वक्त ID कार्ड साथ रखना होगा। 45 से 60 साल के जिन लोगों को गंभीर बीमारी है, उन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाना होगा। सरकार ने इसके लिए डिक्लरेशन फॉर्मेट के साथ इस क्राइटेरिया में आने वाली 20 बीमारियों की लिस्ट भी जारी की है। इस फॉर्म को डॉक्टर से सर्टिफाई करवाना होगा।

विपक्ष ने वैक्सीनेशन पर सवाल उठाए थे
कोरोना वैक्सीनेशन का पहला फेज शुरू होने के बाद विपक्ष के कुछ लोगों ने वैक्सीन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री को सबसे पहले खुद वैक्सीन लगवानी चाहिए थी। विपक्ष का कहना था कि भारत बायोटेक की कोवैक्सिन के फेज-3 के ट्रायल के रिजल्ट आने से पहले ही इमरजेंसी इस्तेमाल का अप्रूवल दे दिया गया, यह गलत है। विपक्ष ने कहा था कि अगर वैक्सीन इतनी ही भरोसेमंद है, तो सरकार से जुड़े लोग इसका डोज क्यों नहीं लगवा रहे?

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