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दिल्ली.

किसान विकास पत्र एक सरकारी निवेश योजना है। ये निवेश योजना उन लोगों के लिए शानदार है, जो कम जोखिम लेने की क्षमता रखते हैं। इस योजना में निवेश से आपको फाइनेंशियल तौर पर सुरक्षा मिलती है। डाकघर किसान विकास पत्र (केवीपी) योजना केंद्र सरकार द्वारा समर्थित सबसे लोकप्रिय छोटी बचत योजनाओं में से एक है। हाल ही छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दर में संशोधन के बाद नए किसान विकास पत्र खाते की मैच्योरिटी अवधि 113 महीनों के बजाय 124 महीने की होगी। पोस्ट ऑफिस किसान विकास पत्र खाते पर आपको वार्षिक ब्याज दर 6.9 मिलेगी, जो अभी तक 7.6 प्रतिशत थी। इस पोस्ट ऑफिस योजना में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि निवेशक को सरकार की तरफ से एक गारंटी मिलती है कि उसका पैसा गारंटीड रिटर्न के साथ सुरक्षित है।पोस्ट ऑफिस किसान विकास पत्र योजना में खाता खोतले समय जो ब्याज दर होती है वही पूरी निवेश अवधि के दौरान रहती है। उदाहरण के लिए यदि किसी ने इस साल जनवरी से मार्च 2020 की तिमाही में पोस्ट ऑफिस किसान विकास पत्र खाता खोला था, तो उसे अपनी निवेश की अवधि तक 7.6 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर मिलेगी। नई दरें अप्रैल से जून 2020 की तिमाही में खोले जाने वाले नए खातों पर लागू होंगी। पोस्ट ऑफिस किसान विकास पत्र खाते में रिटर्न सुरक्षित और तय है। हालांकि, योजना में वार्षिक ब्याज 7.6 प्रतिशत से घटा कर 6.9 प्रतिशत कर दिया गया है।किसी भी नए किसान विकास पत्र खाता धारक के पास अभी भी अपना पैसा दोगुना करने का मौका है। केवीपी खाते की नई मैच्योरिटी अवधि 113 महीने के बजाय 124 महीने की है, यानी मतलब 10 साल और चार महीने। अगर कोई व्यक्ति आज पोस्ट ऑफिस केवीपी खाते में 1,000 रुपये का निवेश करता है, तो यह 1,000 रुपये मैच्योरिटी के समय तक करीब 2,000 रुपये के आसपास हो जाएगा। यह उन लोगों के लिए बेस्ट है जो एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में विश्वास और निवेश करते हैं। उन्हें पोर्टफोलियो का कुछ हिस्सा केवीपी जैसी सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न योजनाओं में निवेश करना चाहिए।पोस्ट ऑफिस किसान विकास पत्र में निवेश करने वाले निवेशक के लिए निवेश की जाने वाली न्यूनतम राशि 1,000 रुपये है और इसमें केवल 100 रुपये के गुणक में आगे निवेश किया जा सकता है। पोस्ट ऑफिस केवीपी खाते में निवेश की जाने वाली अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है। किसान विकास पत्र किसी भी विभागीय डाकघर से खरीदा जा सकता है और इसमें नॉमिनेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। निवेशक द्वारा खरीदा गया केवीपी प्रमाणपत्र एक व्यक्ति से दूसरे और एक डाकघर से दूसरे में ट्रांसफर किया जा सकता है।यदि आपको पैसों की जरूरत पड़ जाए तो आप किसान विकास पत्र को मैच्योरीटी से पहले भी कैश करवा सकते हैं। लेकिन ऐसा आप तभी कर सकते हैं, जब आपके किसान विकास पत्र का ढाई साल पूरा हो चुका हो। यानी आपको कम से कम ढाई साल निवेश रखना ही होगा।

hemraj

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