0

प्रदेश में कोराेना रोगियों की संख्या में लगातार आ रही कमी के साथ ही राज्य सरकार ने स्कूल, कॉलेज व कोचिंग खोलने का बड़ा निर्णय कर लिया है। राज्य के सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में कक्षा नौ से बारह तक की कक्षाएं 18 जनवरी से नियमित शुरू हो जायेगी। विश्वविद्यालयों से जुड़े कॉलेजों में अंतिम वर्ष की कक्षाएं 18 जनवरी से शुरू होगी। वहीं मेडिकल कॉलेज, पैरा मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज 11 जनवरी से शुरू होंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में मंगलवार रात घोषणा की। मेडिकल से जुड़े संस्थान के स्टूडेंट्स को कोरोना वेक्सीनेशन प्रक्रिया से भी जोड़ा जायेगा, ऐसे में उनकी कक्षाएं पहले शुरू हो रही है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने बताया कि शिक्षण संस्थाओं में प्रत्येक कक्षा में कुल क्षमता के पचास फीसदी स्टूडेंट्स एक दिन तथा शेष पचास फीसदी दूसरे दिन बुलाये जा सकते हैं। सभी संस्थाओं में कोरोना गाइड लाइन का पालन करना होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री सचिवालय ने मंगलवार को निदेशालय से सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। यह भी पूछा गया था कि राजस्थान में कक्षा छह से आठ तक के स्कूल कितने हैं और वहां कितने बच्चे पढ़ रहे हैं। वहीं कक्षा नौ से बारह तक के कितने स्कूल व कितने स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अगले चरण में कक्षा छह से आठ के बच्चों की स्कूल एक फरवरी से शुरू हो सकती है।

308 दिन से छुट्‌टी चल रही है

राज्य में पंद्रह मार्च से बच्चों के लिए स्कूल कॉलेज बंद हो गए थे। इसके बाद 21 मार्च से निजी व सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के आने पर भी रोक लगा दी गई थी और पूरी तरह से स्कूल-कॉलेज बंद हो गए। बाद में ऑनलाइन क्लासेज के लिए पचास फीसदी स्टॉफ को अनुमति दी गई। नौंवी से बारहवीं तक के बच्चों को मार्गदर्शन के लिए स्कूल आने की छूट दी गई थी लेकिन विधिवत स्कूल अब 18 जनवरी से ही शुरू होंगे। जो करीब दस महीने तीन दिन बाद शुरू होने जा रहे हैं। ऐसे में नौंवीं से बारहवीं तक के बच्चों को इस बार 308 दिन की छुट्‌टी मिल गई है। जबकि नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों की छुट्‌टी इससे भी ज्यादा दिनों की होने जा रही है।

अब तय होगी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परीक्षा की तिथि

स्कूल खुलने के साथ ही अब माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर भी परीक्षाओं की तिथि घोषित करेगा। माना जा रहा है कि इस बार परीक्षा मार्च के बजाय मई-जून में हो सकती है। अभी स्कूलों का पाठ्यक्रम कम कर दिया गया है, लेकिन फिर भी कोर्स पूरा नहीं हो पाया। बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूलों में पढ़ाई नहीं हुई। ऐसे में 18 जनवरी के बाद ही मूल रूप से पढ़ाई शुरू होगी।

आउटरीच शिविर में 65 मरीज लाभान्वित

Previous article

कोचिंग संस्थान खोलने का ऐलान: कोटा में 30 हजार स्टूडेंट पहुंचे

Next article

You may also like

Comments

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in कोटा