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ब्रेकिंग…
मुकुन्दरा के बाद रामगढ़ अभयारण्य भी हुआ आबाद
स्वतः पहुंचा टाइगर, वनकर्मियों को मिले पगमार्क
विभाग ने बढ़ाई मॉनिटरिंग, कैमरे भी लगाए
कोटा.
आखिरकार वन्यजीव प्रेमियों को खुशखबरी मिल ही गई। मुकुन्दरा टाइगर रिज़र्व के बाद अब रामगढ़ विषधारी अभ्यारण्य बूंदी में टाइगर आ पहुंचा। राज्य के चौथे टाइगर रिज़र्व में सोमवार को वनकर्मियों को टाइगर के पगमार्क मिले है। पगमार्क मिलने के बाद कर्मिकों ने आस पास अभ्यारण्य में इसकी तलाश की, लेकिन पता नही चल सका है। अब कैमरे में फ़ोटो ट्रैप होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिर भी पगमार्क से स्पष्ट हो गया है कि रामगढ़ अभ्यारण्य में टाइगर के कदम पड़ चुके है। अब ये पता लगाना शेष है कि टाइगर कौनसा है। क्योंकि, पिछले कुछ माह से इस क्षेत्र में दो टाइगर टी 110 और टी 115 का मूवमेंट है। ऐसे में उनके आने की संभावना व्यक्त की जा रही है, लेकिन ऐसी अटकलें है। बताया जा रहा है कि टाइगर पिछले कुछ माह से अभ्यारण्य के नजदीक आ गया था। अब एंट्री की है।
अभ्यारण्य में शुरू की पेट्रोलिंग
वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने रामगढ़ में टाइगर आने की पुष्टि तो कर दी है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नही कर रहे है कि टाइगर कौनसा है। साथ ही यह भी पता नही चल रहा है कि इसने कब प्रवेश किया है। फिलहाल पगमार्को के आधार पर पुष्टि की गई है, लेकिन अब पूरा विभाग हाई अलर्ट हो गया है। वन्यजीव विभाग कोटा ने टाइगर की पेट्रोलिंग के लिए कर्मिकों को लगा दिया है। साथ ही कैमरे भी लगा दिए है, ताकि बाघ को ट्रैप कर सके।
वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर
रामगढ़ में बाघ के आगमन की सूचना के बाद वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। हर कोई एक दूसरे को बधाई देना शुरू कर दिया है। क्योंकि, काफी दिनों से यहां पर टाइगर लाए जाने की अटकलें चल रही थी। पिछले दिनों वन मंत्री ने भी संकेत दिए थे, लेकिन टाइगर लाया नही जा सका था। अब स्वतः टाइगर आने से हाडौती के लिए खुशी की खबर है।
इनका कहना है
रामगढ़ में एक बाघ फिर स्वतः आया है जो बून्दी के साथ साथ पूरे हाड़ौती व राजस्थान के लिए अच्छी खबर है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह कोनसा बाघ है। अभयारण्य में फोटोट्रेप कैमरे लगाए गए हैं जिससे जल्दी पता चल पाएगा कि बाघ कोनसा है।
– पृथ्वी सिंह राजावत,
पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक बून्दी

सुबह वनकर्मियों ने इसकी सूचना दी है। पगमार्क के आधार पर पुष्टि की गई है। इसकी पेट्रोलिंग की जा रही है। इसके लिए वनकर्मी नियुक्त किए है।
– बीजो जॉय, डीएफओ, वन्यजीव विभाग, कोटा

hemraj

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